Ghaziabad Police का बदलेगा स्वरूप: कमिश्नरेट में बनेंगे 11 नए थाने, साहिबाबाद और मोदीनगर जैसे बड़े थानों का होगा विभाजन
राजनगर एक्सटेंशन और सिद्धार्थ विहार जैसे इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है। यहां हजारों की संख्या में बहुमंजिला सोसायटियों के विकसित होने से आबादी का घनत्व बहुत बढ़ गया है। वर्तमान में राजनगर एक्सटेंशन का बड़ा हिस्सा नंदग्राम थाने के अधीन आता है

Ghaziabad Police : तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बढ़ती आबादी के बीच गाजियाबाद की कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस प्रशासन ने जिले में 11 नए थानों के गठन का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उत्तर प्रदेश शासन को भेज दिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मौजूदा थानों पर काम के बोझ को कम करना और अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की पहुंच को जनता के और करीब लाना है।
प्रस्ताव के अनुसार, जिले के कई बड़े थाना क्षेत्रों का भौगोलिक विभाजन कर नए पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव साहिबाबाद और मोदीनगर जैसे क्षेत्रों में देखने को मिलेंगे:
वृंदावन गार्डन थाना: साहिबाबाद और शालीमार गार्डन के कुछ हिस्सों को मिलाकर।
गंगनहर थाना: मोदीनगर और मुरादनगर के बीच के क्षेत्रों को कवर करने के लिए।
हरनंदी थाना: साहिबाबाद थाना क्षेत्र के करहेड़ा हिस्से को अलग कर।
रावली थाना: मुरादनगर के ग्रामीण और अर्ध-शहरी हिस्सों को सुरक्षा देने के लिए।
इसके अतिरिक्त राजनगर एक्सटेंशन, सिद्धार्थ विहार, वसुंधरा, पटेल नगर, अवंतिका, गोविंदपुरी और दामोदर विहार में भी नए थाने प्रस्तावित हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित 11 थानों में से पांच के लिए जमीन पहले ही चिन्हित कर ली गई है। जमीन फाइनल होने से शासन की मंजूरी मिलते ही इनके निर्माण और संचालन की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की जा सकेगी।
राजनगर एक्सटेंशन और सिद्धार्थ विहार जैसे इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है। यहां हजारों की संख्या में बहुमंजिला सोसायटियों के विकसित होने से आबादी का घनत्व बहुत बढ़ गया है। वर्तमान में राजनगर एक्सटेंशन का बड़ा हिस्सा नंदग्राम थाने के अधीन आता है, जो दूरी और आबादी के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण है। नए थाने बनने से पुलिस का ‘रिस्पॉन्स टाइम’ (घटनास्थल पर पहुंचने का समय) काफी घट जाएगा।









